सही म्यूचुअल फंड कैसे चुनें
भारत में पांच हजार से अधिक म्यूचुअल फंड योजनाएं हैं। आप कैसे चुनाव करेंगे? कई निवेशक तो बस पिछले साल के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले फंड को चुन लेते हैं, जो गलत तरीका है। इस गाइड में हम आपको छह व्यावहारिक कदम बताते हैं जिससे आप अपने लिए सही फंड चुन सकें।
पहला कदम: अपना वित्तीय लक्ष्य स्पष्ट करें
फंड चुनने से पहले, आप किस लिए निवेश कर रहे हैं, यह बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए। अलग-अलग लक्ष्यों के लिए अलग-अलग प्रकार के फंड उपयुक्त होते हैं:
रिटायरमेंट के लिए (20 साल या अधिक समय)
बड़ी कंपनियों के शेयर फंड, मध्यम आकार की कंपनियों के फंड, और संतुलित फंड सबसे उपयुक्त हैं।
बच्चे की शिक्षा के लिए (10-15 साल)
संतुलित फंड और विविध शेयर फंड अच्छे विकल्प हैं।
घर खरीदने के लिए (5-10 साल)
रक्षणात्मक संतुलित फंड और संतुलित फंड उपयुक्त हैं।
आपातकालीन निधि (तुरंत उपलब्ध)
तरल फंड और रात भर फंड सर्वश्रेष्ठ हैं।
दूसरा कदम: आपकी निवेश अवधि का आकलन करें
आपके पास कितना समय है, यह बहुत महत्वपूर्ण है:
अल्पकालीन (0-3 साल)
- • तरल फंड
- • अल्पकालीन ऋण फंड
- • बाजार निधि
मध्यकालीन (3-7 साल)
- • संतुलित फंड
- • हाइब्रिड फंड
- • दीर्घकालीन ऋण फंड
दीर्घकालीन (7+ साल)
- • इक्विटी फंड
- • मध्यम आकार फंड
- • छोटी कंपनी फंड
तीसरा कदम: अपनी जोखिम सहनशीलता जानें
यदि बाजार 30 प्रतिशत गिर जाए, तो क्या आप घबराहट में बेच देंगे? यह आपकी जोखिम सहनशीलता है:
रक्षणात्मक निवेशक (जोखिम नापसंद)
आप ऋण फंड, तरल फंड, और रक्षणात्मक संतुलित फंड चुनें।
संतुलित निवेशक (15-20 प्रतिशत उतार-चढ़ाव सहन कर सकते हैं)
संतुलित फंड, विविध शेयर फंड, और बड़ी कंपनी के शेयर फंड उपयुक्त हैं।
आक्रामक निवेशक (30+ प्रतिशत गिरावट सह सकते हैं)
मध्यम आकार, छोटी कंपनी, केंद्रित इक्विटी फंड, और क्षेत्रीय फंड उत्तम हैं।
चौथा कदम: फंड श्रेणी का चयन करें
पहले तीन कदमों के आधार पर, अब आप अपनी श्रेणी चुन सकते हैं। उदाहरण के लिए: यदि रिटायरमेंट 15 साल में है और आप मध्यम जोखिम ले सकते हैं, तो 60 प्रतिशत बड़ी कंपनी के शेयर फंड और 40 प्रतिशत संतुलित फंड चुनें।
पांचवां कदम: व्यक्तिगत फंड की तुलना करें
अब जब आपने अपनी श्रेणी तय कर ली है, तो आइए जानते हैं कि सही फंड कैसे चुनें। यह कदम बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि एक ही श्रेणी के फंडों का प्रदर्शन बहुत भिन्न हो सकता है। कुछ फंड पांच साल में 12 प्रतिशत रिटर्न देते हैं जबकि कुछ केवल 8 प्रतिशत देते हैं। लंबे समय में यह बड़ा अंतर बनाता है।
- 5 साल का प्रदर्शन: हाल के 1 साल के रिटर्न को मत देखें। पांच साल की तुलनात्मक वृद्धि दर देखें।
- प्रबंधक का ट्रैक रिकॉर्ड: जिस व्यक्ति ने फंड का प्रबंधन किया है, वह कितने समय से है? 7+ साल अच्छा है।
- फंड की आकार: 500 करोड़ रुपये से अधिक आकार वाले फंड स्थिर होते हैं।
- प्रबंधन शुल्क: कम शुल्क अच्छा है, लेकिन केवल शुल्क देख कर निर्णय न लें।
- नियम का पालन: क्या फंड मैनेजर अपनी निवेश रणनीति का पालन कर रहे हैं?
छठा कदम: विविधता लाएं
एक फंड में अपना पूरा पैसा मत लगाएं। 4-8 फंड में बांटें। उदाहरण के लिए: 2 बड़ी कंपनी फंड, 2 मध्यम आकार फंड, 1 संतुलित, 1 ऋण फंड, 1 अन्य श्रेणी।
महत्वपूर्ण याद रखें
म्यूचुअल फंड चुनना एक एक बार का काम नहीं है। हर साल अपने फंड की समीक्षा करें। यदि कोई फंड लगातार खराब प्रदर्शन कर रहा है, तो बदलें।
अतिरिक्त महत्वपूर्ण विचार
जब आप म्यूचुअल फंड चुन रहे हैं, तो कुछ और बातों का ध्यान रखना जरूरी है। पहली बात, फंड के प्रस्तावपत्र को अवश्य पढ़ें। यह दस्तावेज बताता है कि फंड किस प्रकार निवेश करेगा, उसके उद्देश्य क्या हैं, और कितने शुल्क लेगा। दूसरी बात, यदि आप किसी विशेष क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं जैसे प्रौद्योगिकी या दवाइयां, तो क्षेत्रीय फंड देखें। तीसरी बात, विदेशी निवेश के बारे में सोचें यदि आप वैश्विक विविधता चाहते हैं। चौथी बात, छोटी कंपनियों के शेयर फंड अधिक जोखिम भरे होते हैं लेकिन अधिक रिटर्न की संभावना रखते हैं। आपकी जोखिम क्षमता के अनुसार चुनें।